*हज़रत अली (अ) ने 1400 वर्ष पूर्व लागू की थी वृद्धा पेंशन योजना*
अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली (अ) का गुज़र एक ऐसे बूढ़े आदमी के पास से हुआ जो लोगों से भीख मांग रहा था, हज़रत ने पूछा की ये कौन है ? आपके साथी ने कहा के: मौला यह एक ईसाइ है, हज़रत अली (अ) ने फ़रमायाः *इस आदमी से तुमने काम लिया और जब बूढ़ा और लाचार हो गया तो छोड दिया! जाओ बैतुलमाल (सरकारी ख़ज़ाने) से इसकी मदद करो।*
(वसायल अल शीया, जिल्द 15, पेज 66, बाब 19)