*"मेरा मस्लक क्या होना चाहिए"*
*_🌡बहुत से लोग पुछते हैं तुम किस फ़िरक़े से हो,किस मस्लक से हो_*
*_कोइ केहता है:-शिया_*
*_कोइ केहता है:-बरैल्वी_*
*_कोइ केहता है:-देवबन्दी_*
*_कोइ केहता है:-सुन्नी,असली सुन्नी_*
_चलो मैं बताता हुं अपना मस्लक क्या होना चाहिए और समझदार लोगों का यही मस्लक होता है_
*_नाम:- मुसलमान_*
*_वालिद का नाम:-आदम अलैहिस्सलाम_*
*_अक़िदा:-तौह़िद_*
*_खालिक़ व मालिक का नाम:-अल्लाह_*
*_इबादत :-सिर्फ़ अल्लाह की,अल्लाह के लिए_*
*_पैग़म्बर:-मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम_*
*_कीताब:-क़ुरआन_*
*_ह़क़ :-अल्लाह के बन्दों का_*
*_दुआ:-अल्लाह से_*
*_रिज़क़:-ह़लाल_*
*_मुआश:-ह़लाल तरिक़े से_*
*_हीफ़ाज़त:-इमान की_*
*_दुश्मन :- शैतान_*
*_पनाह:-अल्लाह की_*
*_दूरी :-शिर्क,बिदअत और ह़राम से_*
*_काबु:-नफ़्स और ज़ुबान पर_*
*_कदर:-वक़्त की_*
*_पाबन्दी:-तमाम फ़राइज़ की_*
*_डर :-अल्लाह के ग़ज़ब और उसके अज़ाब से_*
*_नीजात:-जहन्नम से_*
*_सीनाख़्ती अलामत:-ला इलाहा इल्लल्लाह मुह़म्मदुर्ररसुलुल्लाह_*
*_परहेज:-हर छोटे बड़े गुनाह से_*
*_कोशिश:-हर छोटी बड़ी नेकी की_*
*_मज़हब:-इस्लाम_*
*_नियत:-इख़्लास_*
*_मौजुदा पता:-दुनियां_*
*_मक़सद:-अल्लाह की रज़ा_*
*_मुस्तकबील पता:-जन्नत_*
*_किसी एक को भी ज़रुर भेजें_*